27 राज्यों सहित 2 केन्द्र शासित प्रदेशों की समस्त वार्डन को सशक्त बनाने के लिये राष्ट्रीय शैक्षिक योजना संस्थान (एनआईईपीए) की योजना के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये पीएबी ने 760.90 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की।

लखनऊ। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना संस्थान एनआईपीए ने पीएबी में चर्चा के बाद केजीबीवी वार्डन को सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम के संबंध में एक संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह कार्यक्रम मई 2025 से अक्टूबर 2026 तक 18 महीने की अवधि के लिए चलेगा और अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय सीमा अक्टूबर 2026 है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वित्तीय स्वीकृति 11 महीने की अवधि यानी मई 2025 से मार्च 2026 के लिए मांगी गई जिसे केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड यानी पीएबी ने 760.90 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। अब देश के 6 हजार से ज्यादा व 27 राज्यों सहित 2 केन्द्र शासित प्रदेशों आंध्रप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असाम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमांचल प्रदेश, झारखण्ड, कर्नाटका, केरला, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओड़िसा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश व वेस्ट बंगाल तथा दादर नगर हवेली सहित जम्मू एंड कश्मीर के कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालयों में प्रिंसिपल की जगह कार्यरत पदनाम वार्डन को बालिकाओं की जिम्मेदारियों से बख़ूबी अवगत कराते हुए उन्हें विद्यालयी व्यवस्था, शैक्षणिक गतिविधियों, संचालन, रखरखाव का विधिवत प्रशिक्षण दिया जायेगा। ज्ञातव्य हो कि जहाँ पूरे देश में क्लास 6 से क्लास 8 तक ही कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय संचालित था जिसे वर्ष 2018-19 के केन्द्रीय बजट में की गयी उद्घोषणा के अनुसार समूचे देश में केन्द्र प्रायोजित योजनायें सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय शिक्षा माध्यमिक अभियान और टीचर एजुकेशन को विलय करते हुए एकीकृत स्कूल शिक्षा योजना बनाते हुए कस्तूरबा विद्यालयों को 12वीं तक विस्तार कर दिया गया। - अतुल बंसल राष्ट्रीय अध्यक्ष - कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय यूनियन आल इंडिया Mob- 9415676455 Email- atulbansalsimran@gmail.com
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